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Quick revision notes

चतुर्दशः अतिरिक्तम् अध्ययनम्: शब्दरूपाणि (परिशिष्टम् २) (Śabdarūpāṇi) Notes with Hindi Explanation Class 7th Sanskrit (दीपकम्)

Class 7 · Sanskrit (दीपकम्) · Appendix : शब्दरूपाणि (Śabdarūpāṇi) · All Board · All Medium · 2 views

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📚 शब्दरूपाणि — परिचय
Shabd roop tables for deva rama kavi hari
✏️ शब्दरूप तालिकाएँ — देव, राम, कवि, हरि

📌 अजन्त = स्वर से अन्त होने वाले शब्द

जिन शब्दों के अन्त में स्वर (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ॠ) हो — वे अजन्त शब्द कहलाते हैं।
इन शब्दों के विभक्ति रूप (Declension) एक नियम से बनते हैं।

अजन्ताः (अच् = स्वराः) स्वरवर्णाः अन्ते येषां ते अजन्ताः ।
🔵 हिन्दी/अर्थ: जिन शब्दों के अंत में स्वर वर्ण (vowel) होता है, वे 'अजन्त' कहलाते हैं।
💡 अजन्त = अच् + अन्त = स्वर (vowel) से अन्त। ये सबसे सामान्य शब्द हैं।
✦ ✦ ✦
📖 'अ'कारान्त पुंलिङ्ग — देव और राम
'अ'कारान्तः (देव = द् + ए + व + अ) — यहाँ अन्तिम वर्ण 'अ' है, इसलिए 'अ'कारान्त कहा जाता है।
🔵 हिन्दी/अर्थ: 'अ'कारान्त माने ऐसे शब्द जिनके अंत में 'अ' आता है। जैसे: देव (देव + अ), राम (राम + अ), बाल, शिव, हस्त।
💡 सबसे पहले यह समझो कि शब्द किस स्वर से अन्त हो रहा है। 'देव' में अंत में 'अ' है।

📋 'अ'कारान्त पुंलिङ्ग 'देव' शब्द के रूप:

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमादेवःदेवौदेवाः
द्वितीयादेवम्देवौदेवान्
तृतीयादेवेनदेवाभ्याम्देवैः
चतुर्थीदेवायदेवाभ्याम्देवेभ्यः
पञ्चमीदेवात्देवाभ्याम्देवेभ्यः
षष्ठीदेवस्यदेवयोःदेवानाम्
सप्तमीदेवेदेवयोःदेवेषु
सम्बोधनहे देव !हे देवौ !हे देवाः !
एवम् — बाल, भीम, शिव, कृष्ण, हस्त, पाद, वृक्ष, शिक्षक आदि
✦ ✦ ✦
📖 'इ'कारान्त पुंलिङ्ग — कवि और हरि
Streebling and napumsak shabd roop tables
✏️ स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग शब्दरूप

📋 'इ'कारान्त पुंलिङ्ग 'कवि' शब्द के रूप:

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमाकविःकवीकवयः
द्वितीयाकविम्कवीकवीन्
तृतीयाकविनाकविभ्याम्कविभिः
चतुर्थीकवयेकविभ्याम्कविभ्यः
पञ्चमीकवेःकविभ्याम्कविभ्यः
षष्ठीकवेःकव्योःकवीनाम्
सप्तमीकवौकव्योःकविषु
सम्बोधनहे कवे !हे कवी !हे कवयः !
एवम् — मुनि, रवि, कपि, विधि, अग्नि, गिरि, अरि, ऋषि आदि
✦ ✦ ✦
📖 'आ'कारान्त स्त्रीलिङ्ग — माला और रमा

📋 'आ'कारान्त स्त्रीलिङ्ग 'माला' शब्द के रूप:

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमामालामालेमालाः
द्वितीयामालाम्मालेमालाः
तृतीयामालयामालाभ्याम्मालाभिः
चतुर्थीमालायैमालाभ्याम्मालाभ्यः
पञ्चमीमालायाःमालाभ्याम्मालाभ्यः
षष्ठीमालायाःमालयोःमालानाम्
सप्तमीमालायाम्मालयोःमालासु
सम्बोधनहे माले !हे माले !हे मालाः !
एवम् — सीता, लता, गीता, राधा, विद्या, क्षमा, कक्षा, रेखा, रक्षा, शिक्षा आदि
📖 'अ'कारान्त नपुंसकलिङ्ग — फल और मित्र

📋 'अ'कारान्त नपुंसकलिङ्ग 'फल' शब्द के रूप:

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमाफलम्फलेफलानि
द्वितीयाफलम्फलेफलानि
तृतीयाफलेनफलाभ्याम्फलैः
चतुर्थीफलायफलाभ्याम्फलेभ्यः
पञ्चमीफलात्फलाभ्याम्फलेभ्यः
षष्ठीफलस्यफलयोःफलानाम्
सप्तमीफलेफलयोःफलेषु
सम्बोधनहे फल !हे फले !हे फलानि !
एवम् — वन, धन, ज्ञान, पुस्तक, उद्यान, चक्र, चित्र, पत्र, मन्दिर, गृह, नगर आदि
📖 सर्वनाम — तद्, एतद्, किम्, अस्मद्, युष्मद्

अस्मद् (मैं/हम) — प्रमुख रूप

विभक्तिएकवचनबहुवचन
प्रथमाअहम्वयम्
द्वितीयामाम्अस्मान्
तृतीयामयाअस्माभिः
षष्ठीममअस्माकम्
सप्तमीमयिअस्मासु

युष्मद् (तुम/आप) — प्रमुख रूप

विभक्तिएकवचनबहुवचन
प्रथमात्वम्यूयम्
द्वितीयात्वाम्युष्मान्
तृतीयात्वयायुष्माभिः
षष्ठीतवयुष्माकम्
सप्तमीत्वयियुष्मासु
⚡ Quick Revision — विभक्तियों के काम
  • प्रथमा = Subject (कर्ता) | द्वितीया = Object (कर्म)
  • तृतीया = साधन (से/के द्वारा) | चतुर्थी = के लिए/नमः
  • पञ्चमी = से (अलगाव) | षष्ठी = का/के/की | सप्तमी = में/पर
  • अहम्/वयम् = मैं/हम | त्वम्/यूयम् = तुम/तुमलोग
📚 @edugrown | दीपकम् | कक्षा ७

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